
🌟🌟🚣♀️🌟🌟
एक कश्ती हो प्यार की
सवार संग हूँ मैं प्यार के,
चलु इश्क की गहराई में ,
गोते प्यार की लगाऊँ मैं ,
डूब जाऊँ इस कदर कि,
प्यार रूह तक उतर जाए मेरे !!
🌟🌟🚣♀️🌟🌟
~Sansकृति ✍

🌟🌟🚣♀️🌟🌟
एक कश्ती हो प्यार की
सवार संग हूँ मैं प्यार के,
चलु इश्क की गहराई में ,
गोते प्यार की लगाऊँ मैं ,
डूब जाऊँ इस कदर कि,
प्यार रूह तक उतर जाए मेरे !!
🌟🌟🚣♀️🌟🌟
~Sansकृति ✍

🌟🌟💞🌟🌟
होकर सवार मोहब्बत कि कश्ती मे,
चल तारों से सजी एक शाम बिताए!
•••❣❤❣•••
डूब जाए ईस कदर हम मोहब्बत मे,
कि एक दूजे पर बेइन्तहा प्यार लुटाए!!
🌟🌟💞🌟🌟
❤..…Sansकृति✍ 🍁

••••🌟🌟🌟
नही चाहिए मुझे #प्रेम_कहानी
हमारी राधा-कृष्ण सी …
बना ले मुझे रुक्मिणी अपनी
या बनकर रहूँगी जीवन भर
मै मीरा अपने श्याम कि!!
🍁Sansकृति .…✍
🌟🌟🌟••••

~~🍁🍁🍁~~
आखिर_क्यो ?
मै ही करूँ पहल हर बार,
वो भी तो दिखा सकते है ना ,
छुपा है जो दिल मे उनके मेरे लिए प्यार!!
~~🍁🍁🍁~~
❤.…Sansकृति ✍

🌟💞💞🌟
🌟🌟💞💞🌟🌟
ईस कदर आपके ईश्क ने
है ईस दिल पर छाप छोड़ी,
मूंदकर ईन आँखो को,
करीब से महसूस किया जिसे,
हम तो बस अल्फाजों मे …
बयां करते है उन एहसासों को,
और लोगो ने …
मान लिया हमें कवि __!!
🌟🌟💞💞🌟🌟
🌟💞💞🌟
••••❤….Sansकृति ✍

🌟🌟💔🌟🌟
कभी कभी सोचती हूँ!
#आखिर_क्यो?
…रखती हूँ मै
इतनी उम्मीदें सबसे….
ये जानते हुए भी कि मेरी ही
गलतियों ने कर दिया मुझे दूर हर एक से!!
🌟🌟💔🌟🌟
😔……Sansकृति✍

बेअसर हो जाती है हर एक बददुआ !
जब #असर माँ कि दुआओं का होता है !!
#Sansकृति✍
🌟🌟🌟

🌟🌟😔🌟🌟
मन मे जो दर्द-ए सैलाब,
ना जाने क्यों वो थम नही रहे…
खो सी गई है कही वो लब की हँसी हमारी,
शायद खत्म अब हमारे ही अंदर हम हो रहे…
🌟🌟😔🌟🌟
🍁#Sansकृति ✍

🌟🌟😍🌟🌟
#तुम वो दिया,
जिसकी बाती #मै!
#तुम वो सूर्य,
जिसकी लाली #मै!
#तुम वो चाँद,
जिसकी चाँदनी #मै!
#तुम वो राग,
जिसकी रागिनी #मै!
#तुम वो कण,
हुई जिससे पुरी #मै!
#तुम अर्धांग मेरे,
जिसकी अर्धांगनी #मै!
🌟🌟😍🌟🌟
❣…$ansकृति..✍

🌟🌟💞🙈💞🌟🌟
होगी हाथो मेहन्दी कि लाली,
और महक गजरे कि बालों मे!!
क्या खूब होगा दिन वो जब,
करूँगी सोलह श्रृंगार मै पिया के नाम कि!!
थोड़ा शरमाती और तुम मेरे हो,
ईस बात पर ईतराती आऊंगी मै ,
वरमाला हाथ लिए आयेगी जब वो मंगल बेला,
हमारे जयमाल कि!!
हर पिता कि तरह निभाएंगे मेरे पिता भी,
वो रीत कन्यादान कि!!
थाम कर तेरा हाथ लूंगी मै वो सातो वचन,
भरकर मांग मे सिन्दूर तेरे नाम कि!!
मेरी खामोशी कहेगी दिल का हाल मेरे,
जब आयेगी मेरे द्वार बारात तुम्हारी,
और होगी बाबुल कि गलियों से विदा मेरी पालकी!!
चल दूँगी मै साथ तेरे छोड़कर संग भाई बहनों का ,
और वो यादें बचपन कि!!
🌟🌟💞🙈💞🌟🌟
🍁$ansकृति…✍