
~~●◇●~~
विष घोलने वालो कि…
हर कसौटी पार कर ,
🍁….🍁
ठीक वैसे ही…
हमारी ये प्रीत जीत जाती है,
🍁….🍁
जैसे अंगुलियों कि फाँक से ,
बूँद बूँद रिस कर
जल पुनः बह जाती है !!
~~●◇●~~
#Sansकृति ✍

~~●◇●~~
विष घोलने वालो कि…
हर कसौटी पार कर ,
🍁….🍁
ठीक वैसे ही…
हमारी ये प्रीत जीत जाती है,
🍁….🍁
जैसे अंगुलियों कि फाँक से ,
बूँद बूँद रिस कर
जल पुनः बह जाती है !!
~~●◇●~~
#Sansकृति ✍
प्रेम प्रेम सब कोय कहय , प्रेम न जानय कोय
LikeLiked by 2 people