अपेक्षा ….एक भ्रम !!

अपेक्षा के
भ्रम को तोड़ ,

उपेक्षाओं से है

नाता मैने जोड़ लिया ,

कोसों दूर हूँ

दुख से मै अब

सुख ने मेरी ओर रुख

है अपनामोड़ लिया

🍁🍁#Sansकृति✍

3 thoughts on “अपेक्षा ….एक भ्रम !!

Leave a comment