दर्द-ए-सैलाब …!

🌟🌟😔🌟🌟

मन मे जो दर्द-ए सैलाब,

ना जाने क्यों वो थम नही रहे…

खो सी गई है कही वो लब की हँसी हमारी,

शायद खत्म अब हमारे ही अंदर हम हो रहे…

🌟🌟😔🌟🌟

🍁#Sansकृति

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