
🌟🌟😔🌟🌟
मन मे जो दर्द-ए सैलाब,
ना जाने क्यों वो थम नही रहे…
खो सी गई है कही वो लब की हँसी हमारी,
शायद खत्म अब हमारे ही अंदर हम हो रहे…
🌟🌟😔🌟🌟
🍁#Sansकृति ✍

🌟🌟😔🌟🌟
मन मे जो दर्द-ए सैलाब,
ना जाने क्यों वो थम नही रहे…
खो सी गई है कही वो लब की हँसी हमारी,
शायद खत्म अब हमारे ही अंदर हम हो रहे…
🌟🌟😔🌟🌟
🍁#Sansकृति ✍